मुख्यमंत्री ने बलिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया, किया रहत सामग्री का वितरण


 वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा

लखनऊ 13 अगस्त। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद बलिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके उपरान्त, उन्होंने नागाजी सरस्वती विद्या मन्दिर विद्यालय में 50 बाढ़ पीड़ितोें को राहत सामग्री का वितरण किया। उन्होंने विद्यालय के सभागार में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की।

 

     मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी पीड़ित एवं प्रभावित लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध करायी जाए। राहत सामग्री के वितरण में जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाए। आवश्यकतानुसार तिरपाल की आपूर्ति बढ़ाकर प्रत्येक जरूरतमन्द को इसका वितरण किया जाए। ऐसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जहां विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है, जहां जेनरेटर, बैटरी आदि के माध्यम से प्रकाश व्यवस्था एवं मोबाइल चार्ज की सुविधा सुलभ करायी जाए।

       मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत एवं बचाव तथा सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निरन्तर पेट्रोलिंग की जाए। राहत शिविरों में महिला आरक्षियों की तैनाती अनिवार्य रूप से हो। फसल को हुई क्षति का सर्वेक्षण कराकर हर किसान को मुआवजा दिलाना सुनिश्चित किया जाए। कण्ट्रोल रूम निरन्तर संचालित रहें तथा प्राप्त होने वाली सूचनाओं का संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्यवाही की जाए। बैठक में खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उपेन्द्र तिवारी, ग्राम्य विकास एवं समग्र ग्राम विकास राज्यमंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

       मुख्यमंत्री ने बैठक के उपरान्त, मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जनपद बलिया में प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य मुस्तैदी से सम्पादित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनपद में गंगा जी, सरयू जी एवं टोंस नदी के कारण बाढ़ की स्थिति पैदा हुई है। यहां 112 राजस्व ग्राम बाढ़ की चपेट में हैं। 1,41,450 की आबादी बाढ़ से प्रभावित है।

       मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी से घिरे या इधर-उधर रह रहे बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थल पर राहत शिविरों में पहुंचाने के साथ उनको फूड पैकेट, सामुदायिक किचन के माध्यम से भोजन एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाए। पशुओं के टीकाकरण एवं चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भूसा वितरण के भी निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन के लिए एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0, पी0ए0सी0 की स्टीमर या बड़ी नाव का ही प्रयोग किया जाए। मुख्यमंत्री ने फेफना में बन रहे 100 बेड के आधुनिक सुविधाओं से युक्त सी0एच0सी0 व 10 बेड के पीकू वाॅर्ड के लिए जिला प्रशासन की सराहना की।