विकास के मुद्दे पर अखिलेश ने भाजपा सरकार को घेरा


 वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा

लखनऊ २५ जुलाई। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा खेल तमाशों वाली अजीब पार्टी है। साढ़े चार वर्ष भाजपा सरकार ने समाजवादी विकासकार्यों के सहारे ही बिता दिए। कोई काम न धाम बस सत्ता की मदहोशी में पड़े रहे। अब जनता में अपनी कारगुजारियों के प्रति व्यापक आक्रोश को देखते हुए भाजपा सरकार बदहवाशी में ऊटपटांग घोषणाएं करके जनता को भ्रमित करने का तानाबाना बुन रहे हैं, लेकिन भाजपा को इस सबसे कुछ हासिल होने वाला नहीं है।

     सच तो यह है कि प्रदेश में भाजपा सरकार की गिनाने लायक एक भी उपलब्धि नहीं है। विकास अवरुद्ध है पर समाजवादी सरकार के कामों को ही अपना बताकर भाजपा सरकार झांसा दर झांसा जारी है। भाजपा की यह धोखेबाजी भारतीय राजनीति को शर्मिन्दा करती है।

      भाजपा सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के चलते कोरोना महामारी के दौरान हजारों जाने चली गई। लोगों को न बेड मिले, न ऑक्सीजन, दवाओं की कालाबाजारी होती रही। प्रशासन पंगु बना रहा। समाजवादी सरकार में रायबरेली और गोरखपुर में एम्स की स्थापना के लिए मुफ्त जमीन दी गई थी, जिसे भाजपा सरकार ढंग से चालू नहीं कर सकी। लखनऊ में कैंसर अस्पताल समाजवादी पार्टी ने बनवाया, भाजपा राज में उसकी उपेक्षा हुई। समाजवादी सरकार के समय उरई (जालौन), कन्नौज, आजमगढ़, सहारनपुर, बदायूं, बांदा, शाहजहांपुर, बस्ती, बहराइच, फिरोजाबाद, फैजाबाद आदि जनपदों में एक दर्जन से ज्यादा मेडिकल काॅलेजों की स्थापना हुई थी। मुख्यमंत्री जी का 32 मेडिकल काॅलेज देने का दावा पूरी तरह सत्य से परे है। 16 जनपदों में तो मेडिकल काॅलेजों की रूपरेखा ही संदिग्ध है। समाजवादी सरकार के समय अस्पतालों में 9 हजार बेड की व्यवस्था की गई थी जबकि भाजपा सरकार में एक भी बेड की व्यवस्था नहीं की गई। कोरोना की तीसरी लहर आने की चर्चाएं है जो पहले से भी ज्यादा घातक होने की आशंका है। प्रदेश में अस्पतालों में एनेस्थेटिस्ट का अकाल है। मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर के सीएचसी और पीएचसी स्वयं ही बीमार है।

      समाजवादी एम्बूलेंस सेवा 108, 102 में भाजपा का रत्तीभर भी योगदान नहीं रहा है। भाजपा सरकार ने सिर्फ इतना महान कार्य किया है कि समाजवादी सरकार के समय जो बड़े काम किए उनमें अपने नाम के पत्थर लगवा दिए। भाजपा का यह सामाजिक अपराध है।

      वास्तविक स्थिति यह है कि भाजपा हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। उसने अपने संकल्प पत्र (घोषणा-पत्र) का मजाक बना दिया है। वादे पूरे न करना भ्रष्टाचार से कम नहीं। भाजपा सरकार ने सिर्फ झूठी घोषणाएं, खोखले वादे किए हैं। जनता बुरी तरह त्रस्त और आक्रोशित है। अब सन् 2022 में भाजपा की खैर नहीं।