प्रेमचंद को समझने के लिए सामाजिक तंतुओ के ताने-बाने को समझना होगा- अनुपम मिश्रा


 वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा

लखनऊ 31 जुलाई।  राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुपम मिश्रा ने उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद्र की जयंती पर उन्हें नमन एवं श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इतने वर्षों के व्यतीत हो जाने के पश्चात भी भारतीय समाज आज भी उन समस्याओं का समाधान ढूंढ पाने में असफल रहा है, जिनको मुंशी प्रेमचंद जी ने वर्षों पूर्व अपने लेखन के माध्यम से समाज के सम्मुख उजागर किया था। मसलन किसान ,मजदूर ,दलित ,विधवा -विवाह, बेमेल-विवाह, भ्रष्टाचार, धार्मिक आडंबर और पाखंड ,मानव मूल्यों का हास ,पीढ़ी अंतराल अर्थात जेनरेशन गैप, ग्रामीण एवं शहरी जीवन के मध्य का अंतर आदि समस्याएं आज भी हमारे सम्मुख जस की तस खड़ी है गांव में आज भी आपको गोबर तथा पंडित मातादीन जैसे पात्र विचरण करते मिल जाएंगे। कफ़न के घीसू-माधव में स्त्री-शोषण क्षुधा की शांति हेतु रिश्तो का तार -तार होना, गरीबों द्वारा दुख में भी सुख की खोज का प्रयास जैसे आयाम वर्तमान समाज में भी विद्यमान है। 

      अनुपम मिश्रा ने कहा कि कहानी “मंत्र” में डॉक्टर साहब की संवेदनहीनता और बूढ़े अनपढ़ ग्रामीण का निश्चल परोपकार मन को झकझोरने वाला है ।आगे बोलते हुए अनुपम मिश्रा ने कहा कि प्रेमचंद्र को समझने के लिए हमें देश के सामाजिक तंतुओं के ताने-बाने को पहले समझना होगा जो प्रेमचंद जी के लेखन का सदैव केंद्र बिंदु रहा है। 21वीं सदी के दूसरे दशक में भी प्रेमचंद्र का लेखन उतना ही प्रासंगिक है जितना कि उस समय था आज भी गांव देहात में गोबर जैसे युवा हैं जो किसानी को हेय समझकर शहरों की चकाचौंध व कंपनियों के मोटे वेतन की ओर आकर्षित होकर खिंचे चले जाते हैं। क्रेडिट कार्ड व प्लास्टिक करेंसी के इस युग में “गबन” के नायक का बरबस स्मरण हो जाता है जो अपनी पत्नी के मोहपास में बंधकर ऋण जाल में फंसता जाता है। दलित कितने ही महत्वपूर्ण क्यों ना हो गए हो पर “ठाकुर का कुआं” आज भी उनके लिए अभिशप्त है। उनकी कहानी “बलिदान” में आज के विदर्भ और बुंदेलखंड के किसानों की आत्महत्या की बानगी देखने को मिलती है। अनुपम मिश्रा ने इस अवसर पर उनके द्वारा उठाई गई सामाजिक समस्याओं व देश काल की परिस्थितियों पर उनके चिंतन से सीख लेकर जीवन पथ पर उनके निराकरण हेतु सभी को यथोचित योगदान देने का आह्वान करते हुए कहा कि यही हमारी तरफ से उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी ।

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