प्रधानमंत्री ने 06 राज्यों में लाइट हाउस प्रोजेक्ट का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया


 वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा

लखनऊ 01 जनवरी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश (लखनऊ) सहित 06 राज्यों में लाइट हाउस प्रोजेक्ट का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), हरदीप सिंह पुरी वर्चुअल माध्यम से सम्मिलित हुए।

       इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए उत्तर प्रदेश को सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री ने इस योजना के अन्तर्गत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले नगर निकाय (नगर पालिका परिषद श्रेणी) में मिर्जापुर नगर पालिका परिषद तथा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले नगर निकाय (नगर पंचायत श्रेणी) के अन्तर्गत प्रदेश की मलिहाबाद व हरिहरपुर नगर पंचायत तथा उत्कृष्ट पूर्ण आवास हेतु जनपद लखनऊ, आजमगढ़, हापुड़ के 03 लाभार्थियों को पुरस्कृत किया। प्रधानमंत्री ने पुस्तक के रूप में संग्रह, नवरीति के लिए पुस्तक, आशा-इण्डिया के विजेताओं पर केन्द्रित लघु फिल्म तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अवाॅर्ड 2019 पर केन्द्रित वीडियो फिल्म का बटन दबाकर अनावरण किया। उन्होंने जी0एच0टी0सी0-इण्डिया की यात्रा पर केन्द्रित, नई तकनीक के संग्रह, नई निर्माण तकनीकों (नवरीति) के पाठ्यक्रम पर केन्द्रित लघु फिल्म का विमोचन भी किया।

      प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान केन्द्र सरकार ने वर्ष 2022 तक देश के सभी बेघर परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लाइट हाउस प्रोजेक्ट इस लक्ष्य को हासिल करने में प्रकाश स्तम्भ सिद्ध होगा। यह परियोजना देश में हाउसिंग कंस्ट्रक्शन को नई दिशा दिखाएगी। देश के हर क्षेत्र से राज्यों का इस अभियान में जुड़ना को-आॅपरेटिव फेडरलिज्म की हमारी भावना को और मजबूत कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान केन्द्र सरकार स्पष्ट विजन के साथ आगे बढ़ रही है। पूर्ववर्ती सरकारों ने गरीबों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कभी भी रुचि लेकर कार्य नहीं किया। लाइट हाउस परियोजना के अन्तर्गत नई तकनीक के माध्यम से लोगों को कम समय में गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध हो सकेंगे। यह आवास अधिक टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल और आपदारोधी होंगे। उन्होंने इंजीनियर, विद्यार्थियों और प्रोफेसरों से अपील की कि वे इन साइटों पर जाएं और इनका अध्ययन करें।

     प्रधानमंत्री ने कहा कि घर की चाबी मिलना, सिर्फ दरवाजा या दीवार का मालिकाना हक नहीं होता है। यह चाबी लोगों के विकास एवं उनकी प्रगति के द्वार भी खोलेगी। साथ ही, लोगों के दिमाग भी खोलेगी, क्योंकि जब मकान अपना होता है, तो हमें बचत की आदत भी पड़ती है और समाज में सम्मान भी मिलता है। उन्होंने कहा कि हर किसी का सपना अपना घर होता है, क्योंकि घर मुश्किल घड़ी में गारण्टी भी होता है। लाॅकडाउन के दौरान लोगों ने प्रवासी मजदूरों की परेशानियों को देखा। बड़े-बड़े शहरों में उन्हें उचित सम्मान नहीं मिलता था। लेकिन जब यह श्रमिक अपने गांव चले गये तो इनके महत्व का पता उद्योगपतियों को लगा। सरकार इन मजदूरों के लिए वहीं पर घर बनाने जा रही है, जहां पर यह काम करते थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि घर बनाने से जुड़े लोगों के लिए एक सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरु किया जा रहा है। पिछले 06 वर्षाें में सभी वर्गाें को ध्यान में रखकर योजनाएं संचालित की जा रही हैं। गरीब व मध्यम वर्ग के लोगों को मकान उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे आवासों को पानी, बिजली, गैस जैसी सुविधाओं से लैस किया गया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर घर को जियो टैग किया जा रहा है। घर बनाने की सरकारी मदद लाभार्थी के खाते में डी0बी0टी0 के माध्यम से भेजी जा रही है। मध्यम वर्ग के लोगों को अपने पहले मकान बनवाने के लिए छूट उपलब्ध करायी जा रही है। सरकार ने अधूरे मकानों को पूरा करने के उद्देश्य से 25,000 करोड़ रुपये का फण्ड उपलब्ध कराया है।

     प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों को समय पर आवास उपलब्ध हो सके और वे स्वयं को ठगा महसूस न करें, इसलिए सरकार द्वारा रेरा जैसी संस्था को अस्तित्व में लाया गया है। रियल एस्टेट को प्रोत्साहित करने के लिए टैक्स को 08 प्रतिशत से घटाकर 01 प्रतिशत कर दिया गया है। हाउसिंग फाॅर आॅल सरकार का लक्ष्य है। गांवों में भी 02 करोड़ आवास बनाये जा चुके हैं। शहरी आवास बनाने व उसकी डिलीवरी करने में लाइट हाउस प्रोजेक्ट मील का पत्थर साबित होंगे।

      यहां अवध विहार से कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा व मार्गदर्शन में प्रदेश के सभी बेघर परिवारों को आवास उपलब्ध कराये जा रहे हैं। प्रदेश के 17.58 लाख से अधिक शहरी गरीब परिवारों को आवास दिये जाएंगे। 6.15 लाख आवास शहरी गरीबों को आवास उपलब्ध कराये जा चुके हैं। 10.80 लाख आवास निर्माण प्रक्रिया में हैं।

      मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक शहरी गरीब को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके दृष्टिगत समयबद्ध तरीके से आवासों का निर्माण कराया जा रहा है। जिन शहरी गरीबों के पास आवास नहीं था या आवास जर्जर अवस्था में था, ऐसे सभी परिवारों को आवास उपलब्ध कराये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलाॅजी चैलेन्ज-इण्डिया के अन्तर्गत लाइट हाउस प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके माध्यम से लोगों को उच्च गुणवत्तापूर्ण आवास कम समय में बनाकर उपलब्ध कराये जा सकेंगे। उन्होंने सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि लाइट हाउस प्रोजेक्ट एक क्रान्तिकारी तकनीक है। इस नई तकनीक के माध्यम से वर्ष 2022 तक सभी को आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य को हासिल करने में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि 25 जून, 2015 को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का शुभारम्भ किया गया था। अब तक 01 करोड़ 12 लाख आवासों की मांग के सापेक्ष 01 करोड़ 09 लाख आवासों की संस्तुति कर दी गयी है।

       ज्ञातव्य है कि ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलाॅजी चैलेन्ज-इण्डिया के अन्तर्गत लाइट हाउस प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन किया जा रहा है। लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत उत्तर प्रदेश में लखनऊ का चयन किया गया है। इसके अन्तर्गत अवध विहार योजना में 1040 आवासों का निर्माण कराया जाएगा। परियोजना की निर्माण लागत 130.90 करोड़ रुपये है। इस परियोजना में एस0 प्लस 13 प्रकार के बहुमंजिला भवनों का निर्माण किया जाना है। भागीदारी में किफायती आवास घटक हेतु केन्द्रांश एवं राज्यांश 60ः40 के अनुपात में अनुमन्य होगा। अर्थात् 1.50 लाख रुपये केन्द्रांश तथा 01 लाख रुपये राज्यांश देय होगा। 1.50 लाख रुपये के अतिरिक्त केन्द्रीय टी0आई0जी0 के रूप में 04 लाख रुपये अतिरिक्त देय होगा। इसी प्रकार, 01 लाख रुपये के राज्यांश के अतिरिक्त राज्य टी0आई0जी0 के रूप में 1.33 लाख रुपये राज्य सरकार द्वारा देय होगा। लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के अलावा, इंदौर (मध्य प्रदेश), राजकोट (गुजरात), चेन्नई (तमिलनाडु), रांची (झारखण्ड) तथा अगरतला (त्रिपुरा) में भी लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत आवास निर्माण कराया जाएगा।