उत्तर प्रदेश में 2022 में समाजवादी सरकार लाना है - शत्रुघ्न सिन्हा


वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ। सपा मुख्यालय, लखनऊ में आज महाराष्ट्र से प्रारम्भ गुजरात, राजस्थान से होते हुए उत्तर प्रदेश में पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के नेतृत्व में गांधी शान्ति यात्रा का समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्वागत किया। श्री सिन्हा के साथ मशहूर अभिनेता तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा, समाज विज्ञानी जार्ज मुथ्यू और शेतकारी जागर मंच के प्रशांत गांवडे भी मौजूद थे। इस अवसर पर अहमद हसन, राजेन्द्र चौधरी, नरेश उत्तम पटेल, इन्द्रजीत सरोज, एसआरएस यादव, अरविन्द कुमार सिंह, डाॅ0 राजपाल कश्यप, सुनील सिंह ‘साजन‘ की उपस्थिति उल्लेखनीय है।
    अखिलेश यादव ने गांधी शान्ति यात्रा में आए सभी लोगों का स्वागत करते हुए उनकी यात्रा के उद्ेश्य की सफलता की कामना की। श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री की भाषा की चर्चा पूरी दुनिया में है। पहले ‘ठोक दो‘ तो गनीमत थी अब तो कम्बल चोरी तक बात पहुंच गई है। अब डंके की चोट पर खबर आ रही है कि उनकी अर्थ व्यवस्था की ढपली फट गई है। अब कुछ बचा नहीं है। जनता जागरूक है। गरीब अपनी और अपने पूर्वजों की नागरिकता कहां से प्रमाणित कर पाएगा? भाजपा सरकार लोगों को भटकाने का काम करती है, इससे सावधान रहना हैं।
    पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति चिंता जनक है। देश लगभग दिवालिया होने के कगार पर हैं। सरकारी कुनीतियों से किसान त्रस्त है। सरकार ने उनकी आय 2022 तक दुगनी करने की घोषणा की किन्तु उनकी आमदनी तो कम होती जा रही है। अकोला के 60 किसान गांधी शांति यात्रा में शामिल है। उनके विदर्भ प्रांत में सबसे ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की। नौजवानों से रोजगार छिन गए हैं। मंदी का दौर है। ग्रामीण क्षेत्र में खरीद क्षमता कम है। नोटबंदी से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। बाजार में जितनी मुद्रा थी उससे ज्यादा बैंकों में जमा हो गई। यह कैसे हुआ? सरकार चुप है। सरकार के गृहमंत्री कहते हैं ‘डंके की चोट पर एक इंच नहीं हटेंगे‘ क्या यह भाषा उचित है?
    श्री सिन्हा ने कहा कि बात आर्थिक मुद्दों की होनी चाहिए थी लेकिन सीएए और एनआरसी पर हो रही है। सरकार ने समाज को उलझा दिया है और असल मुद्दों से भटका दिया है। सरकार के कदमों से भय का वातावरण पैदा हुआ है। लोग आज आंदोलित है। केंद्र और भाजपा की राज्य सरकारें दमन चक्र चला रही हैं। यह राज्य प्रायोजित हिंसा आतंकवाद नहीं तो क्या है? सबसे ज्यादा बदनामी उत्तर प्रदेश की हो रही है। गांधी के देश में भाजपा की मनमानी नहीं चलेगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश में महिलाओं द्वारा आगे आकर आंदोलन चलाने के लिए उनकी सराहना की और उनके साथ पुलिस व्यवहार की निंदा की।
    श्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि गांधी शान्ति यात्रा में राष्ट्र मंच, फ्रेंड्स आॅफ डेमोक्रेसी, शेतकारी जागर मंच शामिल है। 09 जनवरी 2020 को गेटवे आॅफ इण्डिया मुम्बई से प्रारम्भ इस यात्रा का समापन 30 जनवरी 2020 को राजघाट, गांधी जी की समाधि, दिल्ली में होगा। 09 जनवरी को ही गांधी जी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। उन्होंने प्रदेश में यात्रा की सफलता के लिए श्री अखिलेश यादव को बारम्बार बधाई दी।
    पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं सिने जगत के मशहूर अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने अखिलेश यादव को करोड़ों युवाओं की जान और उत्तर प्रदेश के आने वाले मुख्यमंत्री के साथ देश के सम्भावित प्रधानमंत्री बताते हुए कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार धर्म के आधार पर देश को, समाज को बांट रही है। सत्य को भाजपा मार रही है और हिंसा का सहारा ले रही है। गरीबो, दलितों, पिछड़ों को नए कानूनों से खतरा है। महिलाएं जो घर से बाहर निकली हैं उन्हें बधाई। श्री सिन्हा ने उत्तर प्रदेश के सबसे लोकप्रिय नेता अखिलेश यादव को बताकर प्रशंसा की।  श्री सिन्हा ने कहा गांधी जी ने सफलता को रास्ते में चार चरण बताए थे, उपहास, उपेक्षा, तिरस्कार और दमन इनसे पार पाने के बाद व्यक्ति को सम्मान मिलता है। भाजपा राज में भारत वैश्विक सर्वेक्षण में नीचे गिरता गया है। उन्होंने कहा तीन तलाक, 370 के बाद जनसंख्या नियंत्रण कानून आएगा। इसलिए अब सत्ता दल को वापस नहीं आने देना है। 
उत्तर प्रदेश में 2022 में समाजवादी सरकार लाना है। गांधी शांति यात्रा में यशवंत सिन्हा के साथ रवि पाटिल, विजय देशमुख, असर इकबाल, नेज राव भाकरे पाटील, उद्वव, गजानन हरर्ण, राम प्रभू बंद, शंकर राव, बसंत राव कालोकार, संजय भाकरे, अमोल, रीतेश तथा रंजन भी शामिल रहे हैं।