उत्तर प्रदेश अब हत्याओं के प्रदेश के नाम से जाना जाता है- अजय कुमार लल्लू


ऽ अपराधियों में नही रहा कानून का भय- अजय कुमार लल्लू
ऽ आम आदमी का जीवन सुरक्षित नहीं- अजय कुमार लल्लू
वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ 8 दिसंबर। यू0 प्र0 कांगे्रस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि लखनऊ अपराध की राजधानी बन चुकी है। आये दिन हत्या आम बात हो गयी है। आज रात को ही युवा अधिवक्ता शिशिर त्रिपाठी की जिस निर्ममता के साथ हत्या की गयी है उससे लगता है कि हमारी प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गयी है। अभी एक सप्ताह पहले ही एक अधिवक्ता की चाकुओं से गोद कर हत्या हो चुकी थी, मृतक वकील ने हत्या से पहले पुलिस से गुहार भी लगायी थी कि उसके साथ कोई भी घटना घटित हो सकती है, और एक सप्ताह के अन्दर ही यह दूसरी घटना स्तब्ध करने वाली है। लखनऊ पुलिस बेगुनाह लोगों को तो तुरन्त पकड़ लेती है, लेकिन अपराधी उसकी पकड़ में नहीं आते हैं। कांग्रेस पार्टी ने लखनऊ में घटित इस दुखद घटना पर दुःख व्यक्त करते हुए सरकार से तुरन्त अपराधियों को गिरफ्तार करने की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पूरा प्रदेश जंगलराज में तब्दील होता जा रहा है। अभी कल ही इलाहाबाद में एक पूरे परिवार की पाॅंच सदस्यों की निर्मम हत्या हुई वहाॅं दुःख व्यक्त करने जब मैं पहुॅंचा बहुत ही कारूणिक दृष्य था। समाज का हर आदमी भय और पीड़ा से व्यथित निराश और हताश महसूस कर रहा था। इस प्रकार की घटना प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा करती है। कंाग्रेस पार्टी सरकार से मांग करती है कि प्रदेश की सरकार बेगुनाह और संविधान समर्थकों की गिरफ्तारी करने के बजाय प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने पर ध्यान दे तो ज्यादा बेहतर होगा।
प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर घटना के बाद आज मृतक परिजनों से संवेदना व्यक्त करने पार्टी के कार्यसमिति के सदस्य पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद जी पहुॅंचे। 
श्री प्रसाद ने मृतक परिवार को ढ़ाढस बधाते हुए कहा कि दुःख की इस घड़ी में कंागे्रस पार्टी आपके साथ है और आपकी हरसम्भव मदद करेगी। वहीं मृतक के अंतिम संस्कार में कंाग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेन्द्र चैधरी, अनुशासन समिति के सदस्य श्याम किशोर शुक्ला, लखनऊ के प्रभारी रमेश शुक्ला, शहर अध्यक्ष मुकेश सिंह चैहान के अलावा वरिष्ठ नेता वीरेन्द्र मदान, सरोज शुक्ला, बृजेन्द्र कुमार सिंह, दिलप्रीत सिंह, शंकरलाल गौतम, अन्नू सोनी सहित कांग्रेस पार्टी के कई नेता एवं अधिवक्तागण भी शामिल थे।