“स्टेच्यू आफ यूनिटि“ के बाद नर्मदा के तट पर काशी के अनुरुप ही होगी आरती - डॉ नीलकंठ तिवारी


*उत्तर प्रदेश एवं गुजरात सरकार मिलकर पर्यटन को बढ़ावा दिए जाने पर करेंगे काम*


*दोनों प्रदेश के पर्यटन मंत्रियों के साथ वाराणसी में बैठक हुई संपन्न*



डॉ कैलाश सिंह विकास
वाराणसी। गुजरात के मंत्री (पर्यटन, मत्स्य) जवाहर चावड़ा एवं उत्तर प्रदेश के मंत्री स्वतंत्र प्रभार (पर्यटन, धमार्थ, सूचना एवं प्रोटोकाल) नीलकंठ तिवारी के मध्य दोनों प्रदेशों के मध्य पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को वाराणसी में एक महत्वपूर्ण बैठक हुआ।  उ0प्र0 सरकार के पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ नीलकंठ तिवारी ने पुष्प गुच्छ, काष्ठ कला के लकड़ी से बने भगवान गणेश एवं अंगवस्त्रम प्रदान कर गुजरात के पर्यटन मंत्री का अभिवादन किया गया है।
          बैठक में पर्यटन मंत्री, गुजरात द्वारा यह बताया गया कि वाराणसी की घाटों पर होने वाली गंगा आरती के अनुरुप प्रधानमंत्री के इच्छानुसार विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा “स्टेच्यू आफ यूनिटि“ के बाद नर्मदा के तट पर काशी के अनुरुप ही आरती प्रारम्भ कराने के उद्देश्य से काशी भ्रमण किया गया। इस सन्दर्भ में मंत्री, उ0प्र0 सरकार द्वारा सम्पूर्ण सहयोग प्रदान करने की सहमति प्रदान की गयी। पर्यटन मंत्री, गुजरात द्वारा दोनों प्रदेशों के पर्यटन में बढ़ाने के उद्देश्य से पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उ0प्र0 को कच्छ में रणोत्सव, स्टेच्यू आफ यूनिटि एवं सम्पूर्ण गुजरात के पर्यटन स्थलों के भ्रमण हेतु आमंत्रित किया गया।साथ ही यह भी बताया गया कि फरवरी माह तक ही रणोत्सव का आयोजन किया जाता है। पर्यटन मंत्री द्वारा दोनों प्रदेशों के साथ मिलकर गुजरात की परम्परा एवं उ0प्र0 की आस्था को मिलाकर “काईट फेस्टिवल“ का आयोजन कराने की इच्छा व्यक्त की गयी, जिसमें गरबा, नव दुर्गा दर्शन, नवरात्रि मेला, इत्यादि का आयोजन किया जायगा।