SIMI के बाद PFI मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर उन्हें आतंकवाद की ओर धकेलना चाहती हैं -मोहसिन रजा 


वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ 02 जनवरी। उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मोहसिन रजा ने कहा है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) में गहरा संबंध है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित होने के बाद सिमी के ही लोग पीएफआई में शामिल हो गए। अब सिमी के लोग ही ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के पदाधिकारी हो गए हैं।
मोहसिन रजा ने कहा कि जब सिमी के ही लोग पीएफआई और एआईएमपीएलबी में हैं, तो इनके संबंध साफ हैं। दरअसल उत्तर प्रदेश की कई जगहों पर नागरिकता संशोधन अधिनियम(सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर(एनआरसीस) के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे। अब पुलिस का दावा है कि पीएफआई के ही लोग हिंसा भड़काने में शामिल रहे हैं। इससे पहले समाचार एजेंसी आईएएनएस को दिए गए एक इंटरव्यू में मोहसिन रजा ने दावा किया था कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ हुई हिंसा के लिए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और बाबरी एक्शन कमेटी के लोग जिम्मेदार हैं।


मोहसिन ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर भी लगाया आरोप


मोहसिन रजा ने कहा था कि बाबरी एक्शन कमेटी और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के लोगों की दाल अब बीजेपी सरकार में नहीं गल रही है, इसलिए इन लोगों ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हिंसा की साजिश रची। 
     मोहसिन रजा ने हाल ही में कहा था कि उत्तर प्रदेश में सब कुछ शांतिपूर्ण था। अयोध्या का फैसला आया, सब कुछ सौहार्दपूर्ण तरीके से हुआ। आखिर ये कौन से लोग हैं जिन्होंने आग लगाने की कोशिश की। मोहसिन रजा ने कहा था कि पीएफआई मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाना चाहती हैं और उन्हें आतंकवाद की ओर धकेलना चाहती हैं।