सरकार शारीरिक परीक्षा में हुई मौत में परिजनों को आर्थिक मुआवजा व एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे - जयंत चौधरी


वेबवार्ता/अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ 20 जनवरी। राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बरेली में शारीरिक परीक्षा के अंतर्गत दौड समाप्त करने के बाद दम टूटने से हुयी मौत बागपत निवासी रामवीर की बेटी अंषिका के परिजनों को आर्थिक मुआवजा देेने के साथ साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने तथा घटना के दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही किये जाने की मांग की है।
    श्री चौधरी ने अपने लिखे पत्र में कहा कि पुलिस भर्ती में शारीरिक परीक्षा के अंतर्गत दौड की दूरी को लेकर मुम्बई उच्च न्यायालय में 2015 में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गयी थी। इस समिति में मुम्बई के पुलिस महानिदेशक संजीव दयाल पुलिस कमिश्ननर राकेश मारिया एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के0पी0 बख्शी शामिल थे। समिति ने दौड़ की सीमा पुरूषों के लिए 5 किलोमीटर से घटाकर 1600 मीटर एवं महिलाओं के लिए 3 किलोमीटर से घटाकर 800 मीटर निर्धारित की थी। यदि महाराष्ट्र सरकार द्वारा लिये गये निर्णय का अध्ययन कर उसे समय रहते उत्तर प्रदेश ने भी अपनाया होता तो यह हृदय विदारक घटना नहीं घटती।
उन्होंने आगे पत्र में कहा कि भविष्य के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में भी शारीरिक परीक्षा हेतु दौड़ की सीमा की दृष्टि से उन मानदण्डों का सख्ती से अनुपालन किया जाये जो मुम्बई उच्च न्यायालय द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति ने निर्धारित किये हैं।