प्रदेश में लगभग 55 नये नगरीय निकाय सृजित किये गये- आशुतोष टण्डन

लखनऊ। नगर विकास मंत्री आशुतोष टण्डन ने आज योजना भवन के सभागार में नगर विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के विषयगत समस्त नगरीय निकायों के अधिकारी यथा नगर आयुक्त, अधिशासी अधिकारी, जनपद के प्रभारी अधिकारी- स्थानीय निकाय, मण्डलांे के अपर आयुक्त के साथ-साथ शासन के वरिष्ठ अधिकारी यथा प्रमुख सचिव, सचिव, निदेशक-स्थानीय निकाय, निदेशक सूडा  के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। 


श्री टण्डन ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य सरकार द्वारा निकायों को एक बड़ी धनराशि विकास कार्यों हेतु अवमुक्त की गयी है, जिसके माध्यम से मूलभूत आवश्यक नागरिक सुविधायें उपलब्ध कराने हेतु कार्ययोजना बनाकर सभी निकाय युद्ध स्तर पर विकास के कार्य गुणवत्तापरक ढ़ग से करना सुनिश्चिित करें। 14वें वित्त आयोग के मद में लगभग 4000 करोड़ से अधिक धनराशि निकायों के पास अवशेष है। प्राथमिकता के आधार पर उक्त मद से अमृत योजनान्तर्गत पेयजल एवं सीवरेज हेतु निकायों में किये जा रहे कार्यों के निकाय अंश तथा ठोस अपशिष्ट के निस्तारण से संबंधित दायित्वों को पूर्ण किये जाने संबंधी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के साथ ही साथ नदियों अथवा तालाबों में यदि कोई नाला प्रवाहित हो रहा हो तो उसके शोधन के लिये समस्त निकाय बायोरेमिडेएशन की पद्धति पर तत्काल उक्त नाले के ट्रीटमेन्ट संबंधित परियोजनाओं पर कार्यवाही सुनिश्चित करें। उक्त मद से संबंधित धनराशि का समुचित सदुपयोग गुणवत्तापरक योजनाओं का क्रियान्वयन करते हुए प्रत्येक दशा में वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पूर्व कार्य सुनिश्चित कराया जाये। 

नगर विकास मंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 55 नये नगरीय निकाय सृजित किये गये है एवं अनेक निकायों में सीमा विस्तार किया गया है। यह आवश्यक है कि नवगठित/सीमा विस्तारित निकायों में ग्राम सभा एवं सार्वजनिक उपयोगिता की भूमि की सुरक्षा हेतु राजस्व कर्मियों के साथ संयोजन कर अभियान चलाते हुए समस्त निकायों में सार्वजनिक उपयोगिता की भूमि चिन्हिाकित कर अतिक्रमण मुक्त कराया जाये। उन्होंने राज्य में लगभग 15.63 लाख लाभार्थी प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत चिन्हित किये गये है। अभियान चलाकर अवशेष समस्त पात्र लाभार्थियों का चयन समयबद्ध रूप से किया जाना सुनिश्चित किया जाये एवं चिहिन्त लाभार्थियों के आवास के निर्माण के विषयगत धनराशि का हस्तांतरण करने संबंधी कार्यवाही समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जायें। स्वच्छ भारत मिशन अन्तर्गत सभी निकाय व्क्थ़् एवं  व्क्थ़़् के मानकों को पूर्ण करने हेतु लक्ष्य बनाकर कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।