मार्ग सुरक्षा हेतु लोक निर्माण विभाग कर रहा है प्रभावी कार्यवाही- केशव प्रसाद मौर्य


वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ 01 जनवरी। उ0प्र0 के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कुशल दिशा-निर्देशन में यातायात व्यवस्था को सरल व सुगम बनाने तथा मार्ग दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रभावी व ठोस इन्तजाम किये जा रहे हैं। रोड सेफ्टी मैनेजमेन्ट के तहत सुरक्षित मार्गों के निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में सुरक्षित मार्गों के निर्माण व दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग द्वारा रोड साइनेज एवं रोड मार्किंग विभगाीय इन्जीनियर्स को रोड सेफ्टी प्रशिक्षण, आगणन में रोड सेफ्टी का प्राविधान, निर्माणाधीन विभिन्न मार्गों का रोड सेफ्टी आॅडिट आदि कार्य कराये जा रहे हैं। विभाग द्वारा महत्वपूर्ण मार्गों पर साइन बोर्ड लगाने की स्वीकृतियां निर्गत की गयी, जिसके अन्तर्गत मार्गों पर साइन बोर्ड (दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र तीव्र मोड़, गतिसीमा, स्कूल/आबादी इत्यादी सूचक तथा चैराहों) लगाने की कार्यवाही की गयी/की जा रही है।
लोक निर्माण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार रोड साइनेज, रोड मार्किंग एवं स्पीड कामिंग आदि मार्ग सुरक्षा कार्यों हेतु वर्ष 2018-19 में प्रदेश में प्रथम बार रू0 125 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति निर्गत की गयी। गत वर्ष स्वीकृत 159 आगणनों में 153 आगणनों में स्वीकृत कार्य पूर्ण कराये जा चुके हैं, शेष 6 कार्य इस माह के अन्त तक पूर्ण हो जायेंगे।
वर्ष 2019-20 में विभागीय मार्गों पर सड़क सुरक्षा कार्य कराने हेतु खण्डवार सड़क सुरक्षा कार्य कराने हेतु खण्डवार आगणन प्राप्त किये जा रहे है। लगभग रू0 168 करोड़ के अद्यतन 142 आगणन प्राप्त हो चुके हैं, जो स्वीकृति प्रक्रिया में हैं। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु मार्गों पर साइन बोर्ड व सूचक तथा तिराहे/चैराहों पर रम्बल स्ट्रिप व जेब्रा-क्रासिंग लगाने की कार्यवाही की जा रही है। अद्यतन 31195 संकेतक बोर्ड एवं 17747 रम्बल स्ट्रिप स्थापित किये जा चुके हैं और दुर्घटना सम्भावित स्थलों का सर्वेक्षण कर चिन्हांकन कराया गया है।
ऊंचे तटबन्धों के मार्गों में क्रैश बैरियर, आबादी, अस्पताल, स्कूल आदि के निकट गति नियन्त्रण हेतु स्पीड टेबल निर्माण, आबादी भागों के निकट रिपीटेड बार, मोड़ो पर शेवराॅन बोर्ड आदि कार्यों का प्राविधान किया जा रहा है। संकरे पुल/पुलियांे का चिन्हासन कर हैजार्ड बोर्ड लगाने का कार्य, क्षतिग्रस्त पुल/पुलियों का चिन्हांकन कर मरम्मत के कार्य किये जा रहे हैं। विभागीय मार्गों पर वर्ष 2016 में चिहिन्त ब्लैक स्पाट्स पर अल्पकालिक उपाय पूर्ण किये गये। कोर रोड नेटवर्क से अनाच्छादित दुर्घटना बाहुल्य मार्गों का रोड सेफ्टी आॅडिट सी0आर0आर0आई0 नई दिल्ली के माध्यम से प्रगति में है।
वर्ष 2018 में विभागीय मार्गों पर चिहिन्त ब्लैक स्पाट की रोड सेफ्टी आॅडिट के कार्य हेतु आई0आई0टी0 दिल्ली व आई0आई0टी0 बी0एच0यू0 वाराणसी से सम्पर्क किया गया है। विभाग के इन्जीनियर्स को रोड सेफ्टी प्रशिक्षण प्रदान कर क्षमता संवर्धन का कार्य भी किया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष में 220 इन्जीनियर्स को सी0आर0आर0आई0 नई दिल्ली एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित ए0आई0टी0डी0 में प्रशिक्षण दिलाया गया है। आई0आई0टी0 दिल्ली के तत्वाधान में आई0आई0टी0 कानपुर व आई0आई0टी0 बी0एच0यू0 वाराणसी के संयुक्त कार्यक्रम द्वारा सड़क सुरक्षा के आधारभूत सिद्धान्तों का क्षेत्रीय अभियन्तओं को स्थलीय प्रशिक्षण प्रदान करने की दृष्टि से 10 दिवसीय 'टैªवलिंग वर्कशाप' का आयोजन किया गया और आई0आई0टी0 दिल्ली, कानपुर, वाराणसी में वर्कशाप के उपरान्त लखनऊ में वृहद स्तर पर वर्कशाप का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए पुनः टैªवलिंग वर्कशाप के आयोजन हेतु आई0आई0टी0 दिल्ली से अनुरोध किया गया है। मुख्यालय पर आगणनों/डी0पी0आर0 की चेकिंग के समय रोड सेफ्टी आडिट हेतु निर्धारित समिति द्वारा प्रस्तावित आगणन में रोड सेफ्टी के प्राविधान को चेक किया जाता है।