कम समय में रिकार्ड सफाई के लिए विधान सभा की समिति ने की सराहना

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ 01 जनवरी। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा नहरों, अल्पिकाओं तथा रजबहों की सिल्ट सफाई के लिए चलाये गये अभियान के अंतर्गत 15 दिसम्बर, 2019 तक 44029 किमी0 लक्ष्य के सापेक्ष 41792 किमी0 सफाई की जा चुकी है। राज्य सरकार द्वारा किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के संकल्प के चलते इतने कम समय में पहली बार नहरों की रिकार्ड सिल्ट सफाई करायी गयी है, जिसकी विधान सभा की प्रश्न सन्दर्भ समिति द्वारा मुक्त कण्ठ से सराहना की गयी।
यह जानकारी प्रदेश के जलशक्ति मंत्री डा0 महेन्द्र सिंह ने देते हुए बताया कि पूर्वांचल, विंध्यांचल एवं बुन्देलखण्ड की नहरें देर से बन्द होती हैं, इसलिए वहां की प्रगति कम है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष नहरों के सिल्ट सफाई गत वर्षों की तुलना में कम खर्चे में करायी गयी है। इसके साथ ही सिल्ट सफाई से निकाली गयी मिट्टी का पूरी पारदर्शिता से नीलामी करते हुए उस धनराशि को भी सिल्ट सफाई के लिए उपयोग किया गया।
जलशक्ति मंत्री ने बताया कि गत वर्ष के रबी अभियान में 12808 किमी0 रजबाहों की सफाई की तुलना में इस वर्ष 14215 किमी0 रजबाहे साफ किये जा रहे हैं। इसी प्रकार गत वर्ष रबी अभियान में 14091 किमी0 माइनरों की सफाई की तुलना में इस वर्ष 29815 किमी0 माइनर साफ की जा रही है। राज्य सरकार की मंशा है कि सिल्ट सफाई करके टेल तक पानी पहुंचाकर किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय।
डा0 सिंह ने बताया कि सिल्ट सफाई पूरी गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ करने के लिए यह भी निर्देश दिये गये हैं। सफाई करने वाले ठेकेदार को पूरा भुगतान तब तक नहीं किया जायेगा, जब तक नहर से निकाली गयी सिल्ट का उचित डिस्पोजल एवं नहरों की टेल फीडिंग न हो जाय। उन्होंने कहा कि सिल्ट सफाई से पहले और बाद में तथा चलती नहर का फोटो अनिवार्य रूप से लेने के निर्देश दिये गये थे। उन्होंने बताया कि सिल्ट सफाई का फोटोग्राफी एवं ड्रोन कैमरों द्वारा वीडियोग्राफी एवं सम्पूर्ण विवरण का अभिलेखीकरण भी किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि किसानों तथा ग्राम प्रधानों से इस बात का प्रमाण-पत्र लेने के भी निर्देश दिये गये हैं कि सफाई कार्य पूरा हो गया है। इसके साथ ही सांसद, विधायकों से सिल्ट सफाई कार्य का शुभारम्भ तथा समय-समय पर निरीक्षण किये जाने का भी आग्रह किया गया है, जिससे सिल्ट सफाई कार्यों में तेजी आने के साथ हर स्तर पर पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने बताया कि नहरों पर साइनबोर्ड लगाने के साथ ही पुल व पुलियों की मरम्मत तथा रंगाई पुताई के भी निर्देश दिये गये हैं।- केवल