गंगा जी हमारी आस्था, विश्वास और अर्थव्यवस्था का प्रतीक: मुख्यमंत्री


वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद मुजफ्फरनगर में पतित पावन गंगा जी को निर्मल, अविरल बनाए जाने के उद्देश्य से माॅर्डन इण्टर काॅलेज, रामराज में उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए कहा कि सभी गंगा जी को निर्मल और अविरल गंगा बनाने मंे भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि गंगा जी हमारी आस्था, विश्वास और अर्थव्यवस्था का प्रतीक रही हैं। भारत की संस्कृति, आस्था एवं अर्थव्यवस्था में गंगा जी के योगदान के प्रति हम अभारी हंै।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गंगा को स्वच्छ व निर्मल बनाने के लिए ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम की शुरुआत की। ‘नमामि गंगे’ के तहत प्रदेश सरकार ने ‘गंगा यात्रा’ प्रारम्भ की है। उन्होंने कहा कि गंगा जी के किनारे 27 जनपद, 21 नगर निकाय, 1038 ग्राम पंचायतें हैं, जिनसे ‘गंगा यात्रा’ गुजरेगी। उन्होंने ‘गंगा यात्रा’ में दिए जा रहे सहयोग के प्रति जनपदवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हम गंगा जी को आस्था और अर्थव्यवस्था के साथ जोड़ सके, इसीलिए रामराज में आए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के आधार पर कार्य कर रही है। सरकार की मंशा है कि सबका विकास होे लेकिन तुष्टिकरण किसी का न हो। सरकार द्वारा गरीबांे को शौचालय, गैस कनेक्शन एवं विद्युत कनेक्शन दिए जा रहे हैं। साथ ही, आयुष्मान योजना के अन्तर्गत 05 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से भी किसानों को आच्छादित किया जा रहा हैं। प्रयागराज कुम्भ-2019 में 24 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा जी में स्नान किया एवं गंगा जी के स्वच्छ जल के लिए केन्द्र व प्रदेश सरकार की सराहना भी की।