बैंककर्मियों के वेतन समझौता न किये जाने के विरोध में विशाल प्रदर्शन

     - होगी 31 जनवरी एवं 1 फरवरी को देशव्यापी बैंक हड़ताल
वेबवार्ता/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन्स के बैनर तले आज सायं केनरा बैंक, गोमतीनगर में विभिन्न बैंकों के सैकड़ो बैंककर्मियों ने पिछले तीन वर्षो से लम्बित वेतन समझौता न किये जाने के विरोध में विशाल प्रदर्शन एवं सभा की। सभा को सम्बोधित करते हुये यू.एफ.बी.यू. के प्रांतीय संयोजक काम॰ वाई.के.अरोड़ा ने कहा कि यह अत्यन्त दुर्भाग्य की बात है कि भारतीय बैंक संघ व भारत सरकार वेतन समझौता, पेन्शन पुर्नरीक्षण आदि मुद्दों पर लगातार टरकाने का रवैया बनाये हुये है।



        एन.सी.बी.ई. के प्रदेश महामंत्री एवं एस.बी.आई.स्टाफ एसोसियेशन के मण्डल महामंत्री काम0 के.के.सिंह ने कहा कि विगत 1 नवम्बर 2017 से देय वेतन पुनरीक्षण हेतु मई 2017 में चार्टर आफ डिमांड प्रस्तुत कर दी गयी थी परन्तु इतना अधिक समय बीत जाने के बाद भी वेतन पुनरीक्षण कार्य में कोई प्रगति नही हुई। उन्होंने बैंककर्मियों से सरकार एवं आई.बी.ए. की हठधर्मिता के विरोध में संघर्ष करने का आवाह्न किया।  
        काम0 दिलीप चैहान, महासचिव, आईबाॅक ने बताया कि बड़े ऋणों की स्वीकृत एवं देख-रेख के अभाव में एन.पी.ए. होने के कारण लाभ के एक बड़े भाग को रिजर्व फंड में ट्रांसफर करके बैंकों को घाटे में दिखाया जा रहा है इसी बहाने से बैंककर्मियों की वेतनवृद्धि मे अड़ंगेबाजी की जा रही है। ज्ञातव्य है कि गतवर्ष एक दिवसीय तथा दो दिवसीय हड़ताल की जा चुकी है।
        सभा को काम0 एम.एम.राॅय, पवन कुमार, आर.एन.शुक्ला, अनिल श्रीवास्तव, वी.के.सेंगर, वी.के.सिंह, एस.के.संगतानी, यू.पी.दुबे, डी.पी.वर्मा, राजेश शुक्ला, ललित श्रीवास्तव, दीप बाजपेयी आदि बैंक नेताओं ने भी संबोधित किया।
        सभा के अंत में मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि आई.बी. ए. के अडियल रूख के चलते दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल 31 जनवरी एवं 1 फरवरी को आहूत की गई है दोनो दिन सभी बैंककर्मियों की सभा एवं प्रदर्शन इलाहाबाद बैंक हजरतगंज मे किया जायगा। हड़ताल में जनता को होने वाली असुविधा व अन्य नुकसान की पूर्ण जुम्मेदार भारतीय बैंक संघ एवं भारत सरकार की होगी।