6 साल में अरबों खर्च के बाद भी गंगा निर्मल नहीं - सुरेन्द्र नाथ त्रिवेदी

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 10 जनवरी। राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेष प्रवक्ता सुरेन्द्रनाथ त्रिवेदी ने कहा कि गंगा और गाय दो के नाम पर बनी केन्द्र और प्रदेश सरकारों के समय में केवल इन दोनो पर ही राजनीति की गयी है। लगभग 6 साल का समय व्यवतीत हो गया और अब तक अरबों रूपया गंगा सफाई में खर्च हो चुका है परन्तु गंगा निर्मल नहीं हुयी। आज सम्पूर्ण प्रदेष में गोवंष की रक्षा के लिए गौषालाएं बनायी गयी हैं जिनकी वास्तविकता यह है कि गोवंष भूखे मर रहे हैं। यह कहना ज्यादती न होगी कि भाजपा के शासन में गोवंष का महत्व केवल अखबारों तक सीमित रहा है। 
श्री त्रिवेदी ने कहा कि गोवंष की सेवा का ताजा उदाहरण अयोध्या नगर निगम के बैसिंगपुर गौषाला का है जहां निर्वाणी अनी अखाडे के धर्मदास ने जिंदा गोवंष को दफनाते हुये पकड़ा और दर्जनों की संख्या में मृत पडे हुये गोवंषों की दुगर्ति देखी लगभग 27 एकड की इस गोषाला में आधे कर्मचारियों की उपस्थिति भी नहीं रहती है यही कारण है कि वहां के मेयर ने इसकी जांच नगर आयुक्त को सौंपी है। वास्तविकता यह है कि गोवंष की सेवा और गोवंष की रक्षा का भार केवल किसान उठा सकता है भाजपा तो केवल गोवंष के नाम पर राजनैतिक रोटियां सेकना जानती है। जिंदा गोवंष का दफन किया जाना भी वहां के कर्मचारियों की लापरवाही है और कर्मचारी भाजपा सरकार के हैं। 
रालोद प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि आज भी उ0प्र0 में किसान अपनी खेती गोवंष के चरने से बचाने में व्यस्त है और तस्त्र है जबकि प्रदेश सरकार गोशालाओं के स्थापन और गोवंष की रक्षा का कागजी ढिंढोरा पीटने में मस्त है। प्रदेष का किसान जब तक दुखी और असहाय रहेगा तब तक खुषहाल प्रदेष की कल्पना निराधार है।