स्पीड लिमिट डिवाईस के बिना वाहनों को नहीं मिलेगा फिटनेस प्रमाण-पत्र - धीरज साहू

वेबवार्ता/अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने बताया कि परिवहन यानों में स्पीड गवर्नर/स्पीड लिमिट डिवाईस (एस0एल0डी0) ना लगे होने की दशा में प्रवर्तन की कार्रवाई की जायेगी। व्यवसायिक वाहनों में बिना एस0एल0डी0 फिटमेंट पाये जाने पर केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 188 की धारा 190(2) के तहत प्रशमन शुल्क के रूप में 2500 रूपये वाहन स्वामी से वसूला जायेगा। इसकी दोबारा पुनरावृत्ति होने पर यह शुल्क दोगुना यानी 5000 रूपये होगा।
      श्री साहू ने बताया कि समस्त सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन)/पंजीयन अधिकारी को निर्देश दिये गये हैं कि वाहनों में लगने वाली नई एसएलडी को एसएलडी पोर्टल पर अपलोडेड सर्टिफिकेशन को अपनी लाॅगिन आईडी से अपू्रव करना सुनिश्चित करें। एसएलडी फिटमेंट के बिना किसी भी दशा में किसी भी वाहन का फिटनेस प्रमाण-पत्र निर्गत नहीं किया जाये। साथ ही यह भी निर्देश दिये गये हैं कि सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन)/यात्रीकर अधिकारी प्रवर्तन कार्य के समय वाहनों में एसएलडी का नियमानुसार लगे होने की पुष्टि करेंगे तथा जिन वाहनों में एसएलडी लगा हुआ नहीं पाया जाता है, उनका चालान किया जाय।
      परिवहन आयुक्त ने बताया कि एन0आई0सी0 द्वारा विकसित एस0एल0डी0 पोर्टल पर विनिर्माताओं, डीलर तथा पंजीयन अधिकारी का यूजर रजिस्ट्रेशन होना है। एसएलडी पोर्टल पर भरी गई एसएलडी फिटेड वाहनों की सूचना का वाहन पोर्टल से इन्टीग्रेशन किये जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस प्रयोजनार्थ विनिर्माताओं द्वारा अपने अधिकृत किये गये डीलरों को रेटरो फिटमेंट सेंटर (आरएफसी) हेतु कार्यालय से यूजर-आईडी एवं पासवर्ड प्राप्त करना था, जिसके सापेक्ष अभी तक लगभग 400 डीलरों (आर.एफ.सी.) को यूजर आईडी एवं पासवर्ड वितरित किया गया है, जिनके द्वारा एसएलडी पोर्टल पर एसएलडी सर्टिफिकेट को अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है। पंजीयन अधिकारी को एसएलडी पोर्टल पर यह फिटमेंट भौतिक निरीक्षणोपरान्त अपू्रव करना होगा।- रवि कुमार