श्रम आयुक्त संगठन के अन्तर्गत निरीक्षण प्रणाली एवं स्व-प्रमाणन व्यवस्था में गति लाने के लिए समिति गठित

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ 24 दिसम्बर। प्रदेश सरकार नेे श्रम आयुक्त संगठन के अन्तर्गत नवीन निरीक्षण प्रणाली एवं स्व-प्रमाणन व्यवस्था के तहत दुकानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, कारखानों, ब्वायलर तथा इकोनोमाइजर में स्व-प्रमाणन व्यवस्था को सरल और प्रभावी बनाकर इसमें तीव्रता लाने के लिए राज्य स्तरीय एवं क्षेत्र स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति द्वारा संबंधित श्रम अधिनियमों के अन्तर्गत अपने-अपने क्षेत्राधिकार के अन्तर्गत स्व-प्रमाणन हेतु प्राप्त आवेदन-पत्रों पर विचार कर निर्धारित समय में कार्यवाही की जायेगी तथा सभी डाटा का संकलन व संरक्षण इलेक्ट्राॅनिक्स रूप में करते हुए इसका प्राविधान विभागीय वेबसाइट पर भी किया जायेगा।
प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन सुरेश चन्द्रा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि ब्वायलर व इकोनोमाइजर के लिए स्व-प्रमाणन हेतु बनी राज्य स्तरीय समिति में अध्यक्ष निदेशक ब्वायलर, सचिव वरिष्ठ उप निदेशक ब्वायलर तथा समिति का सदस्य सम्बंधित क्षेत्र का सहायक निदेशक ब्वायलर या श्रम आयुक्त द्वारा नामित अधिकारी होगा। इसी प्रकार दुकानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों व कारखानों के लिए स्व-प्रमाणन हेतु बनी राज्य स्तरीय समिति में अध्यक्ष श्रम आयुक्त, सचिव अपर व उप श्रमायुक्त औद्योगिक सम्बंध प्रभाग तथा समिति के सदस्य अपर व उप श्रमायुक्त प्रवर्तन प्रभाग एवं निदेशक कारखाना होंगे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र स्तरीय समिति में अध्यक्ष क्षेत्रीय अपर श्रम आयुक्त व उप श्रम आयुक्त, समिति के सदस्य संबंधित क्षेत्र का उप निदेशक कारखाना तथा सहायक श्रम आयुक्त होंगे।
प्रमुख सचिव श्रम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने श्रमिकों व सेवायोजकों के मध्य मधुर औद्योगिक सम्बन्ध स्थापित करने, श्रमिकों के व्यापक हित का संवर्धन करने तथा प्रदेश में औद्योगिक वातावरण का बेहतर माहौल बनाने के लिए श्रम अधिनियमों का प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित किया है। साथ ही दुकानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, कारखानों में निरीक्षण एवं स्व-प्रमाणन की प्रक्रिया के साथ ब्वायलर व इकोनोमाइजर के लिए स्व-प्रमाणन व्यवस्था का निर्धारण किया है।- सी0एल0 सिंह