सतत विकास लक्ष्य-3 की पूर्ति के लिए अंतर्विभागीय समन्वय आवश्यक, सब-कमेटी बनाकर कार्य-पूर्ति हेतु दायित्व सौंपे जाएं -डाॅ0 देवेश चतुर्वेदी

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 11 दिसम्बर। प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डाॅ0 देवेश चतुर्वेदी ने आज कहा कि सतत विकास लक्ष्य: 3 के लिए अंतर्विभागीय समन्वय अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य का क्षेत्र अत्यन्त व्यापक और जटिल है, इसके लिए निर्धारित बिन्दुओं पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य-योजना बनाकर कार्य किया जाना आवश्यक है। डाॅ0 चतुर्वेदी आज यहां लाल बहादुर शास्त्री भवन स्थित सभाकक्ष में सतत विकास लक्ष्य के अंतर्गत उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली के निर्धारित लक्ष्यों हेतु अंतर्विभागीय बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।
बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डाॅ0 देवेश चतुर्वेदी ने निर्देश दिया कि निर्धारित लक्ष्यों के अंतर्गत कार्यों के सफल सम्पादन हेतु विभागवार सब-कमेटी बनाकर कार्य दायित्व सौंप दिए जाएं तथा आगामी बैठकों में आवंटित कार्य दायित्वों की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा जो कार्य अन्य विभागों से संबंधित है, उन पर विभाग द्वारा कार्य-योजना बनाकर संबंधित विभगों को अवगत करा दिया जाए।
अंतर्विभागीय सहयोग की समीक्षा करते हुए डाॅ0 देवेश चतुर्वेदी ने निर्देश दिया कि जो विभाग इस लक्ष्य से संबंधित नहीं है उन्हें बैठक में बुलाकर उनका समय व्यर्थ न किया जाए। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर संबंधित विभागों को सतत विकास लक्ष्य: 3 में उनके लिए निर्धारित दायित्वों का विवरण उपलब्ध करा दिया जाए।
ज्ञात हो कि सतत विकास लक्ष्य: 3 उत्तम चिकित्सा और खुशहाली के लिए निर्धारित है। इसमें स्वास्थ्य के लिए कुल 13 लक्ष्य निर्धारित हैं, जिसमें 09 मुख्य एवं 04 सहयोगी लक्ष्य हैं। इन लक्ष्यों के क्रियान्वयन, नियोजन एवं गतिविधियों के अनुश्रवण के लिए प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की अध्यक्षता में एक स्टेट टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो लक्ष्यों को प्राप्त करने में आवश्यक अंतर्विभागीय एवं अंर्तक्षेत्रीय प्रतिनिधित्व करेगी।- डाॅ0 सीमा गुप्ता