प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने बाबा साहब के सपने को बिना भेदभाव साकार किया

लखनऊ: 31 दिसम्बर, 2019


वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 31दिसंबर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2019 कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा है। उत्तर प्रदेश विधान मण्डल ने इस वर्ष विशेष सत्रों के माध्यम से राष्ट्र व समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुददों पर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1959 में संविधान के 8वें संशोधन के माध्यम से अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लिए संविधान द्वारा प्रदत्त आरक्षण की व्यवस्था को 10 वर्ष के लिए बढ़ाया गया था। यह महसूस किया गया था कि इन वर्गाें का जितना अपेक्षित विकास और प्रतिनिधित्व होना चाहिए था वह नहीं हो पाया था। 
 मुख्यमंत्री जी संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित संविधान के 126वें संशोधन विधेयक-2019 के अनुसमर्थन के लिए आहूत राज्य विधान मण्डल के विशेष सत्र के तहत आज यहां विधान सभा में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
 मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद देश के संविधान के अनुरूप प्रत्येक तबके को शासन की योजनाओं का लाभ देने, समाज और राष्ट्र में विकास की मुख्यधारा के साथ बिना भेदभाव सबको जोड़ने का एक सार्थक प्रयास भी प्रारम्भ हुआ। हर स्तर पर योजनाएं आगे बढ़ी और उन योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए यह महसूस होता रहा कि हर 10 वर्ष में अनुसूचित जाति और जनजाति से जुड़े समुदायों को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए विधायिका में इस विषय पर चर्चा हम कर सकें। आज यहां इस विशेष सत्र के माध्यम से संविधान के 126वें संशोधन विधेयक के अनुसमर्थन में आज हम सभी इसे अपना समर्थन देने के लिए यहां उपस्थित हुए हैं। आरक्षण 25 जनवरी, 2020 तक है। 25 जनवरी, 2020 से आगामी 10 वर्षाें तक इसे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश विधान मण्डल अपना अनुसमर्थन इस संविधान संशोधन विधेयक को दे सके, इस लिए यह विशेष सत्र आहूत किया गया है।