नमामि गंगे के कारण अब शोधित उत्प्रवाह हुआ 95 प्रतिशत

वेबवार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ 11 दिसम्बर। पिछले 02 वर्ष में नमामि गंगे के अंतर्गत कानपुर शहर में अनेक कार्य हुए है,जिससे गंगा नदी के प्रदूषण को कम करने में मदद मिली है। नमामि गंगे, नगर विकास से प्राप्त जानकारी के अनुसार 90 (नब्बे ) वर्ष पुरानी ब्रिटिश काल की ष्ट्रंक ब्रिक सीवरष् 6.5 ज्ञड का पुनरुद्धार किया गया, जिसमें 03 ज्ञड की लाइनिंग (अस्तर कोटिंग) की गई । इसमें  2.1 ज्ञड पापुलर धर्मकांटे से जाजमऊ ैज्च् तक 7.5 फीट व्यास का कार्य हुआ है।  ैठड योजना के अंतर्गत 15090 व्यक्तिगत शौचालय, 192 स्थानों पर 1292 सीटों के सामुदायिक शौचालय बने है। 02 वर्ष में 80 ज्ञड नवीन सीवर लाइन बिछाई गई तथा 143 ज्ञड अक्रियाशील सीवर लाइन की सफाई कराकर क्रियाशील बनाया गया।  128 बर्ष पुराने शीशामऊ नाले से 02 वर्ष पूर्व 14 करोड़ लीटर अशोधित उत्प्रवाह  होता था और गंगा नदी में मिलता था। यह कानपुर नगर का 1ध्3 सीवेज था। आज यह नाला 100ः टैप किया जा चुका है।