मत्स्य नियमावली-2019 संशोधित

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 12 दिसम्बर। उत्तर प्रदेश सरकार ने मत्स्य (विकास एवं नियंत्रण) नियमावली को संशोधित कर इसके स्थान पर उत्तर प्रदेश मत्स्य (विकास एवं नियंत्रण) (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2019 प्रख्यापित की है। यह नियमावली गज़ट में प्रकाशित किये जाने की तिथि से प्रभावी होगी। संशोधित नियमावली में मत्स्य पालकों के हित एवं कल्याण के लिये कुछ नये नियम जोड़े गये हैं।
इस संबंध में प्रमुख सचिव मत्स्य बी.एल. मीणा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार संशोधित नियमावली में उ0प्र0 मत्स्य पालक कल्याण कोष का प्राविधान किया गया है जिसके तहत प्रदेश के सभी मत्स्य पालकों के कल्याण तथा विकास संबंधी कार्यक्रमों के लिये वित्तीय सहायता दी जायेगी। इस कोष से संबंधित कार्यों का निष्पादन मत्स्य विभाग तथा मत्स्य जीवी सहकारी संघ द्वारा किया जायेगा।
इस कोष के संचालन के लिय कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक प्रबंध समिति गठित की जायेगी, जिसके उपाध्यक्ष अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, मत्स्य होंगे, जबकि निदेशक, मत्स्य इसके सदस्य सचिव होंगे। सदस्यों के रूप में इसमें अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, वित्त विभाग अथवा उनके द्वारा नामित अधिकारी, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव लोक निर्माण द्वारा नामित मुख्य अभियन्ता या अधिशासी अभियंता, प्रबंध निदेशक, उ0प्र0 मत्स्य विकास निगम तथा प्रबंध निदेशक, उ0प्र0 मत्स्यजीवी सहकारी संघ शामिल होंगे। मत्स्य निदेशालय के वित्त एवं लेखाधिकारी इसके सदस्य व कोषाध्यक्ष होंगे।
इसके अतिरिक्त विशिष्ट परिस्थितियों के अधीन अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, मत्स्य की अध्यक्षता में एक उप समिति का गठित होगी, जिसमें निदेशक, मत्स्य सदस्य सचिव, संयुक्त निदेशक, मत्स्य तथा मत्स्य निदेशालय के वित्त एवं लेखाधिकारी सदस्य होंगे।
मत्स्य पालक कल्याण कोष के समुचित अनुरक्षण के लिए मत्स्य निदेशालय में एक इकाई स्थापित की जायेगी और कर्मचारियों/कर्मचारी स्टाफ की तैनाती, निदेशक, मत्स्य द्वारा की जायेगी, जो अपने कार्यों के साथ ही साथ इकाई के कार्यों का भी सम्पादन करेंगे। ईकाई में मत्स्य निदेशालय के उप निदेशक, सहायक निदेशक, सहायक लेखाधिकारी, अपर सांख्यकीय अधिकारी, मत्स्य निरीक्षक अथवा मत्स्य विकास अधिकारी, वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक तथा कम्प्यूटर आपरेटर तैनात होंगे।- निधि वर्मा