मण्डलायुक्त/जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होगा अल्पसंख्यक अधिकार दिवस का आयोजन

वेबवार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ 17 दिसम्बर। उत्तर प्रदेश सरकार अल्पसंख्यकों के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक विकास हेतु जनमानस को जागरूक बनाने के लिए 18 दिसम्बर को अल्पसंख्यक अधिकार दिवस मनायेगी। इस सम्बन्ध में समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को जिला एवं मण्डल स्तर पर गोष्ठियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मुशायरा, कवि सम्मेलन, क्राफ्ट मेला एवं सेमिनार आयोजित कराने के निर्देश दिये गये हैं। 
यह जानकारी आज यहां अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग के विशेष सचिव, जे0पी0 सिंह ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सम्मानित जनप्रतिनिधियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गोष्ठियां आयोजित की जाये। यथा सम्भव जनपद के मंत्री जी से अल्पसंख्यक अधिकार दिवस गोष्ठी की अध्यक्षता करने हेतु अनुरोध किया जाय। गोष्ठी में शासन द्वारा अल्पसंख्यकों के शैक्षणिक, आर्थिक तथा सामाजिक विकास हेतु चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाये तथा इन योजनाओं को अधिक से अधिक लाभ उठाने हेतु अल्पसंख्यकों को प्रोत्साहित किया जाये। अल्पसंख्यकों के उत्थान एवं हित संरक्षण के सम्बन्ध में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। इस दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, मुशायरा, कवि-सम्मेलन, क्राफ्ट मेला एवं सेमीनार आयोजित करने हेतु भी कार्यवाही सम्बन्धित विभागों के समन्वय से किए जाने के निर्देश दिए गए हंै। 
श्री सिंह ने बताया कि अल्पसंख्यकों के लिए शासन द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं में यदि किसी लाभार्थियों को चेक वितरित किये जाने हो या अन्य कोई लाभार्थी परक वितरण कार्य कराया जाना हो तो शिविर लगवाकर इस अवसर पर कराया जाय। इसी प्रकार अन्य योजनाओं यथा-मल्टीसेक्टोरल डेवलपमेंन्ट प्लान, छात्रवृत्ति तथा शादी अनुदान आदि महत्वपूर्ण योजनाओं का भी इस अवसर पर व्यापक प्रचार/प्रसार सुनिश्चित किया जाय। ''अल्पसंख्यक अधिकार दिवस'' को लोकोपयोगी बनाने के लिये आवश्यक है कि अल्पसंख्यकों के हित एवं कल्याण से सम्बन्धित तमाम योजनाओं की जिला स्तर पर गहन समीक्षा कर उसमें आने वाली कमियों को दूर किया जाये। जिला स्तर पर यह समीक्षा बैठक जिलाधिकारी तथा मण्डल स्तर पर मण्डलायुक्त द्वारा ''अल्पसंख्यक अधिकार दिवस'' मनाने से पूर्व आयोजित की जायेगी। - आशिया खातून