लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है - डाॅ0 मसूद अहमद


वेब वार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 20 दिसम्बर। राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेष अध्यक्ष डाॅ0 मसूद अहमद ने पत्रकार बन्धुओं से वार्ता करते हुये कहा कि देष की संसद द्वारा पारित नागरिकता संषोधन विधेयक और महामहिम राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित नागरिकता संषोधन अधिनियम पूर्ण रूप से असंवैधानिक एवं अव्यवहारिक है। इसी असंवैधानिकता के फलस्वरूप देष में विरोध प्रदर्षन हो रहे हैं। कहीं कहीं भारतीय जनता पार्टी समर्थित लोगो के द्वारा प्रदर्षन की भीड में घुसकर शान्तिपूर्ण आन्दोलन को हिंसक बनाने का कुचक्र किया गया है जिसका सटीक उदाहरण प्रदेष की राजधानी लखनऊ है। बंगलुरू में दो तथा राजधानी लखनऊ में एक व्यक्ति असामयिक मृत्यु भी सत्ता पक्ष के कुचक्र और पुलिस की तानाषाही का परिणाम है। 
डाॅ0 अहमद ने कहा कि यह अधिनियम लागू होने के पष्चात देष का नवयुवक एवं विद्यार्थी वर्ग के साथ आमजन मानस भी उद्वेलित हो गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह अधिनियम भाजपा आर0एस0एस0 की विचारधारा के थोपने के फलस्वरूप देष की एकता और अखण्डता को खण्डित करने का असफल प्रयास है। किसान, नौजवान, बेराजगार वर्ग की समस्याओं की अनदेखी के साथ साथ देष की गिरती हुयी अर्थव्यवस्था से आम जनमानस का ध्यान भटकाने के लिए इस अधिनियम को जबरन देष पर थोपा गया है जबकि अब यह भी स्पष्ट हो गया कि भाजपा इस अधिनियम की आड में पूरे देष में एन0आर0सी0 थोपना चाहती है जबकि असम की भाजपा इकाई एन0आर0सी0 के विरोध में खडी हुयी है। 
रालोद प्रदेष अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और शान्तिपूर्ण आन्दोलन को हिंसक बनाना निंदनीय है। अधिनियम के विरोध में मुखर होने वाले राज्यों में भाजपा शासित गुजरात, कर्नाटक, बिहार, हरियाणा और उ0प्र0 प्रमुख हैं। यह कहना अतिषयोक्ति न होगा कि यह अधिनियम सम्पूर्ण देष में अलगाववाद के बीज बोने का भाजपा का खुला षड़यंत्र है। राष्ट्रीय लोकदल महामहिम राष्ट्रपति महोदय से मांग करता है कि वे अपने स्तर से प्रभावी कार्यवाही द्वारा संसद का विषेष सत्र आहुत करके केन्द्र सरकार को आदेष दें कि वह इस अधिनियम को निरस्त करें ताकि देष में आन्दोलनों का दौर समाप्त हों, शान्ति स्थापित हो और विकास का मार्ग खुल सके। 
पत्रकार वार्ता में राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे, पूर्व विधायक एवं प्रदेष चुनाव पर्यवेक्षक  सुखबीर सिंह, प्रदेष प्रवक्ता सुरेन्द्रनाथ त्रिवेदी, प्रदेष कोषाध्यक्ष, प्रदेष मीडिया प्रभारी जावेद अहमद, चन्द्रकांत अवस्थी तथा रमावती तिवारी मौजूद रहे।