जनता अफवाह फैलाने अथवा हिंसा के उपद्रवियों के इरादों को अच्छी तरह समझ चुकी है : डॉ दिनेश शर्मा

वेबवार्ता/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ। लखनऊ: 26 दिसम्बर, 2019: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा ने कांग्रेस पार्टी के नेता श्री आनन्द शर्मा द्वारा आज एक प्रेस वार्ता में राज्य सरकार पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। अफवाह फैलाकर लोगों को गुमराह करने अथवा हिंसा में शामिल उपद्रवी तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ प्रदेश सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई न हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अफवाह फैलाने अथवा हिंसा के जरिये उपद्रव करने वालों के इरादों को अच्छी तरह समझ चुकी है। यही कारण है कि आज लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में अमन-चैन का माहौल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग ऐसे असामाजिक तत्वों के झांसे में अब नहीं आने वाले। 
डाॅ0 शर्मा ने कहा कि जब उत्तर प्रदेश पुलिस पहले ही स्पष्ट कर चुकी थी कि धारा-144 लागू है, किसी भी तरह के आन्दोलन-प्रदर्शन की अनुमति नहीं है, तब भी सुनियोजित तरीके से पूरे प्रदेश को उपद्रव और दंगे की आग में झोंकने की कोशिश हुई। सार्वजनिक और निजी सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। बच्चों एवं महिलाओं को ढाल बनाकर पुलिस पर पत्थर, लाठी-डण्डों और अवैध असलहों से हमला किया गया। पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति पर काबू पाया। इस दौरान करीब 400 पुलिसकर्मी जख्मी हुए, जिससे 288 पुलिस कर्मियों को ज्यादा चोटें आयी हैं। खास बात यह है कि इनमें 61 पुलिस कर्मियों को उपद्रवियों की तरफ से चलायी गई गोली लगी है। इस प्रदर्शन में 700 से ज्यादा खोखा कारतूस बरामद हुए हैं, जो कि अवैध असलहों के हैं। यह इस बात को साबित करता है कि यह सब एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था और पुलिस ने नुकसान सहते हुए, घायल होते हुए भी बेहद संयम बरता।
सवाल यह भी है कि जब धारा-144 लगी थी, स्पष्ट आदेश थे कि कोई भी आन्दोलन नहीं होने दिया जाएगा, तो ऐसे में वो कौन सी महिलाएं थी, जिन्होंने कानून को हाथ में लिया और धारा-144 तोड़कर पुलिस पर हमले करने के लिए उपद्रवियों की ढाल बनीं। प्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उपद्रवी को बख्शेंगे नहीं, लेकिन कोई निर्दोष जेल नहीं जाएगा और इसी कड़ी में उपलब्ध प्रमाणों, जिनमें वीडियो फुटेज, सी0सी0टी0वी0 फुटेज आदि शामिल है, इसी आधार पर कार्यवाही की जा रही है। वही लोग जेल भेजे जा रहे हैं, जो उपद्रवी थे।