ग्राम प्रधानों, सचिवों, स्वच्छाग्रहियों आदि को ‘‘सुजल एवं स्वच्छ गांव’’ के दृष्टिगत प्रशिक्षित किया जायेगा

वेबवार्ता/अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ। प्रदेश के सभी ग्राम प्रधानों, सचिवों, स्वच्छाग्रहियों आदि को ''सुजल एवं स्वच्छ गांव'' के दृष्टिगत प्रशिक्षित किया जाना है। यह आवश्यक है कि सभी जनपदों में इस प्रशिक्षण हेतु योग्य प्रशिक्षक उपलब्ध रहें जिससे कि प्रशिक्षण गुणवत्तापूर्वक ससमय आयोजित किया जा सके। 
यह बातें निदेशक, पंचायतीराज डाॅ0 ब्रह्मदेव राम तिवारी ने ओ0डी0एफ0 स्थायित्व के दृष्टिगत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत प्रदेश के जनपदों में गठित जिला प्रशिक्षण इकाई में कार्यरत फीड टेªेनरों, मण्डलीय कन्सल्टेंट, डी0पी0आर0सी0 एवं एस0आर0जी0 के सदस्यों का पांच दिवसीय आयोजित प्रशिक्षण पंचायतीराज निदेशालय प्रशिक्षण संस्थान (प्रिट) लोहिया भवन अलीगंज कहीं। किये। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण भारत सरकार द्वारा अनुबंधित संस्था च्तपउवअम प्दतिंेजतनबजनतम क्मअमसवचउमदज ब्वदेनसजंदजे च्अजण् स्जकण् के विशेषज्ञों द्वारा दिया जा रहा है। 
डाॅ0 तिवारी ने कहा कि जनपदों में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण का नियोजन भी प्रशिक्षण के दौरान कर लिया जाय तथा पूरी गम्भीरता के साथ प्रशिक्षण में बताये गये विषयों को आत्मसात् किया जाय। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाये। जिससे ग्राम में प्रशिक्षण प्रदान करने में किसी प्रकार की समस्या नहीं होने पाये। प्रशिक्षण पूर्णरूप से सरल भाषा में प्रदान किया जाये। 
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के नोडल अधिकारी श्री के0एस0 अवस्थी ने इस प्रशिक्षण के विभिन्न आयामों व सोपानों की विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर स्टेट कन्सल्टेंट, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के चतुर्थ दिवस 12 दिसम्बर, 2019 को गांव में ले जाकर प्रशिक्षणार्थियों को विषय का व्यवहारिक ज्ञान व प्रैक्टिकल टेªेनिंग दी जायेगी। - सतीश चन्द्र भारती