दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनान्तर्गत संस्था स्तर से आवेदन पत्र सन्देहास्पद सूची में - सत्येन्द्र प्रताप सिंह

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ 27 दिसम्बर। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी लखनऊ सत्येन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनान्तर्गत संस्था स्तर से अग्रसारित किये गये छात्र/छात्राओ के आवेदन पत्रों को स्टेट एन0आई0सी0 राज्य इकाई द्वारा स्क्रूटनिंग के पश्चात बड़ी संख्या में छात्रों के आवेदन सन्देहास्पद सूची में रखे गये है। दशोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति नियमावली 2016 के बिन्दु सं-6 में दिये गये व्यवस्था के अन्तर्गत आनलाइन आवेदन पत्र में कोई डाटा/विवरण/त्रुटिपूर्ण/अपूर्ण संदिग्ध अंकित करने पर छात्र/छात्राओं को दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति अनुमन्य नहीं होगी।
 उन्होंने बताया कि जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी लखनऊ उपरोक्त सम्बन्ध में समस्त,प्रबन्धक/कुलसचिव/निदेशक/प्राचार्यमेडिकल/प्रधानाचार्य/इन्जीनियरिंग/प्रबन्धन/पैरामेडिकल/पालीटेक्निक/आई0टी0आई0 जनपद लखनऊ संस्था के मेल पर उपलब्ध करायी गयी संस्था से सम्बन्धित सन्देहास्पद सूची में रखे गये समस्त छात्रों को व्यक्तिगत स्तर पर सूचित करते हुए उपरोक्त सूची को संस्था के नोटिस पटल पर भी चस्पा करायें तथा प्रत्येक छात्र से सम्बन्धितऐसे प्रमाणित अभिलेख जिससे सम्बन्धित छात्र के सन्देहास्पता के निवारण की पुष्टि होती हो कार्यालय में दिनांक 04.01.2020 तक अवश्य उपलब्ध करा दें। उपरोक्त अभिलेखों के आधार पर पात्र पाये गये छात्रों के आवेदनों को जिला छात्रवृत्ति स्वीकृत समिति के माध्यम से अनुमोदित कराकर अग्रसारित किया जाना है। यदि सम्बन्धित संस्था द्वारा किसी भी कारण से द्वारा किसी भी कारण से सन्देहास्पद सूची में रखे गये छात्रों के सम्बन्ध में निम्नलिखित अभिलेख समयान्तर्गत उपलब्ध नही कराये है तो ऐसे समस्त सन्देहास्पद आवेदनों को त्रुटिपूर्ण मानते हुए निरस्त करने की संस्तुति जिला छात्रवृत्ति स्वीकृत समिति को की जायेगी।