बुन्देलखण्ड क्षेत्र किसानों के सहयोग और समर्थन से विकास की नई गाथा लिखने जा रहा है: मुख्यमंत्री


वेब वार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 20 दिसम्बर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि लगभग 15,000 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाला बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे, बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास और वहां की तकदीर को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से अब तक उपेक्षित रहा बुन्देलखण्ड क्षेत्र किसानों के सहयोग और समर्थन से विकास की नई गाथा लिखने जा रहा है। डिफेन्स काॅरिडोर की स्थापना भी बुन्देलखण्ड को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी। 
मुख्यमंत्री जी आज यहां लोक भवन में बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना के क्रियान्वयन हेतु भूमि हस्तान्तरण से सम्बन्धित किसानों के सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना से सम्बन्धित 07 जनपदों-चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, महोबा, जालौन, औरैया एवं इटावा के 10-10 प्रतिनिधि किसानों को सम्मानित किया। 
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने यूपीडा की एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं की प्रगति के अनुश्रवण हेतु विकसित 'मोबाइल एप' का लोकार्पण किया। इसके अलावा, उन्होंने 'उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन (प्रथम संशोधन) नीति-2019' की विवरणिका का विमोचन किया। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना के चयनित निर्माणकर्ताओं और यूपीडा के मध्य अनुबन्ध का आदान-प्रदान भी किया गया। मुख्यमंत्री जी की उपस्थिति में बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना के विभिन्न निर्माणकर्ताओं के साथ यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री अवनीश कुमार अवस्थी ने अनुबन्ध का आदान-प्रदान किया।
मुख्यमंत्री जी ने किसानों और यूपीडा के अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना उस क्षेत्र की जीवन-रेखा सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि डिफेन्स इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर में बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 02 नोड्स-चित्रकूट व झांसी जनपद होंगे। इससे पूरे क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और विकास के अन्य कार्य तेजी से होंगे। उन्होंने कहा कि विकास का कोई विकल्प नहीं होता। विकास को अंगीकार करके ही हम भावी पीढ़ी का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं। विकास के लिए सामूहिक प्रयास अत्यन्त आवश्यक हैं। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के लिए 95 प्रतिशत से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। निर्माणकर्ताओं का चयन हो चुका है। इनके साथ यूपीडा का अनुबन्ध भी आज सम्पन्न हुआ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूर्ण होगा।  
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे और डिफेन्स काॅरिडोर की स्थापना से वहां के नौजवानों का पलायन रुकेगा। रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इससे न सिर्फ वहां के नौजवानों, बल्कि अन्य क्षेत्रों के भी नौजवानों को भी रोजगार मिलेगा। पूरे क्षेत्र में विकास होने से खुशहाली आएगी और एक मंगलमय भविष्य सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड के जनपदों में कनेक्टिविटी बेहतर होने चित्रकूट में आध्यात्मिक पर्यटन सहित पूरे क्षेत्र के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 07 जनपदों में शुद्ध पाइप पेयजल की योजना भी शीघ्र लागू कर रही है। 9,000 करोड़ रुपए की इस परियोजना पर शीघ्र ही कार्य प्रारम्भ होगा। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड में विकास की अपार सम्भावनाएं हैं। इसके दृष्टिगत बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड का भी गठन किया गया है, जिसका मुख्यालय लखनऊ न होकर बुन्देलखण्ड में ही होगा। उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंश के सम्बन्ध में भी राज्य सरकार योजनाएं लागू कर रही है। इसके लिए पर्याप्त धनराशि दी गई है। अन्ना प्रथा के दृष्टिगत जियो टैगिंग की व्यवस्था की जा रही है। निराश्रित गोवंश का पालन करने पर प्रतिमाह प्रति गोवंश 900 रुपए गोपालक को उपलब्ध कराए जाएंगे। गोवंश के नस्ल सुधार की योजनाएं बनायी गई हैं। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विकास के विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का तेजी से निर्माण किया जा रहा है। मेरठ से प्रयागराज तक के लिए गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण की कार्यवाही प्रगति पर है। इन सभी विकास कार्यक्रमों से लोगों के जीवन में समृद्धि आएगी। सरकार समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
औद्योगिक विकास मंत्री श्री सतीश महाना ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे और डिफेन्स इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर की स्थापना से पिछड़े बुन्देलखण्ड क्षेत्र को विकास को नई गति मिलेगी। उत्तर प्रदेश की प्रगति में बुन्देलखण्ड क्षेत्र बराबर का भागीदार होगा। वहां पर अवस्थापना सुविधाओं और विकास के कार्य किए जा रहे हैं। एक्सप्रेस-वे के निर्माण के सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना अल्प-अवधि में तेजी से क्रियान्वित की गई, जिसमें किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसानों ने अपनी जमीनें सहमति और खुशी से उपलब्ध कराते हुए विकास के महायज्ञ में अपना योगदान दिया है।
मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे और डिफेन्स इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर की स्थापना विकास की महागाथा लिखेगी। उन्होंने इसके लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। 
ज्ञातव्य है कि यह एक्सप्रेस-वे जनपद चित्रकूट से जनपद इटावा में 'आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे' तक 296 कि0मी0 लम्बाई का होगा। यह जनपद चित्रकूट में भरतकूप के निकट प्रारम्भ होकर, जनपद बांदा, हमीरपुर, महोबा, जालौन, औरैया होते हुए जनपद इटावा की तहसील ताखा के ग्राम कुदरैल में 'आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे' से जुडे़गा। 04 लेन के ग्रीन फील्ड प्रवेश नियंत्रित, इस एक्सप्रेस-वे की चैड़ाई 110 मी0 होगी। भविष्य में इस एक्सप्रेस-वे का 06 लेन में विस्तार किया जा सकेगा। 'बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे' के निर्माण से बुन्देलखण्ड क्षेत्र में स्थापित की जा रही 'डिफेंस काॅरिडोर परियोजना' को भी लाभ प्राप्त होगा।
इस अवसर पर अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास श्री आलोक कुमार, यूपीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री श्रीश चन्द्र वर्मा, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के विभिन्न पैकेजों के चयनित निर्माणकर्तागण, बुन्देलखण्ड के 07 जनपदों से पधारे कृषणगण सहित शासन-प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं मीडियाकर्मी उपस्थित थे।
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