बुजुर्ग दम्पति मर्डर केस ने पुलिस के हाथ पाँव फुलाए

अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ| राजधानी लखनऊ के सआदतगंज में गुरुवार रात बुजुर्ग दम्पति के डबल मर्डर केस ने सभी के हाथ पाँव फुला दिए वही मौके पर पंहुँचे एसएसपी नैथानी के मुताबिक वारदात में किसी परिचित का हाथ होने की आशंका जताई है पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है डबल मर्डर केस को सुलझाने के लिए क्राइम ब्रांच और सर्विलांस के साथ विभिन्न थाना क्षेत्रों की कई टीमें लगाई गई हैं | 
गुरुवार रात राजधानी के रिहाइशी इलाके सआदतगंज में डबल मर्डर से सनसनी फैल गई ,वही घटना की जानकारी होते ही पुलिस के हाथ पाँव फूल गए | गुरुवार रात यहां 70 वर्षीय चिकन कारोबारी बिलाल अहमद और उनकी 65 वर्षीय पत्नी बिलकिस जहां की घर में घुसकर बेरहमी से गला रेतकर हत्या (Murder) कर दी गई. सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसएसपी कलानिधि नैथानी समेत पुलिस की टीम ने जांच पड़ताल की पुलिस ने बुजुर्ग दंपति का शव कब्जे में लेकर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है |
     पुलिस ने बताया कि मृतक बिलाल अहमद और बिलकिस जहां मूल रूप से कानपुर के पटकापुर के रहने वाले थे वो तकरीबन 50 साल से लखनऊ के अब्दुल अजीज रोड स्थित एक मंजिला मकान के पहले तल पर किराये पर रह रहे थे. बिलाल की चौक स्थित में अहमद चिकन के नाम से दुकान है. मकान के ग्राउंड फ्लोर पर शाजेब और उसका परिवार रहता है जबकि पहली मंजिल के एक हिस्से में बिलाल और दूसरे हिस्से में गुड्डू उर्फ सलीम और उसका भाई शक्कू रहते हैं. बिलाल की एक बेटी सहर है जो डेंटिस्ट है. वो अपने पति फरहान के साथ आस्ट्रेलिया में रहती है.


धारदार हथियार से बुजुर्ग दंपति की घर में घुसकर हत्या 


एसएसपी नैथानी के मुताबिक शक्कू और सलीम अपने कमरे से बाहर निकले तो सामने बिलाल के घर का दरवाजा खुला हुआ मिला. दोनों ने दरवाजे के अंदर झांका तो वहां बिलाल खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़े मिले. शक्कू के मुताबिक अंदर जाने पर पीछे के कमरे में बिस्तर पर बिलकिस जहां पड़ी नजर आईं. दोनों के गले कटे हुए थे और शरीर पर धारदार हथियार के कई निशान थे. आसपास खून फैला हुआ था. यह देखकर शक्कू और सलीम शोर मचाते हुए नीचे भागे और उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी


बुजुर्ग दंपति की हत्या की जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने तलाशी ली तो उन्हें कमरों की आलमारियां खुली मिलीं, उनमें रखा सामान आस-पास बिखरा पड़ा था. एसएसपी नैथानी के मुताबिक वारदात में किसी परिचित का हाथ होने की आशंका है. पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवा रही है. डबल मर्डर केस को सुलझाने के लिए क्राइम ब्रांच और सर्विलांस के साथ पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं 


हत्यारो की संख्या दो से अधिक 


दम्पति की हत्या की वारदात में दो से अधिक बदमाशो के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है ,पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि शव दो अलग अलग कमरों में में मिले, बिलाल का शव गैलरी खून से लथपथ पड़ा मिला जबकि बिलकिस का शरीर अंदर कमरे में बेड पर पड़ा मिला ,पुलिस के मुताबिक दोनों को अलग अलग पकड़कर वारदात को अंजाम दिया गया है |


112 नही कर रहा ठीक से काम,सूचना देने चौकी तक दौड़कर गया युवक 


शक्कू ने बताया कि जब उसने बुजुर्ग दम्पति का खून से लथपथ पड़ा देखा तो सूचना देने के लिए 112 नम्बर मिलाया ,कई बार डायल करने के बाद जब सम्पर्क नही हुआ तो घटनास्थल से 150 मीटर दूर कटरा विजन बेग चौकी भाग कर गया जहाँ पुलिस को घटना की सूचना दी तो पुलिसकर्मियों के पैरों तले जमीन खिसक गई आनन फानन में पुलिस ने दोनो को अस्पताल लेकर पहुंची जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया |


कमरे में खून से सने सर्जिकल ग्लव्स मिले


घटना स्थल पर छानबीन के दौरान पुलिस को खून से सने सुई ग्लव्स मिले है वही एसपी पश्चिम विकास चन्द्र त्रिपाठी  ने बताया कि इसका एक अन्य पैकेट ऊपर सीढ़ियों पर भी मिला है | एसएसपी नैथानी का कहना है कि इससे साफ है कि हत्या की वारदात साजिशन की गई है | वह अंदर कैसे आये ? उन्होंने घटना को किस तरह से अंजाम दिया ? वह कैसे फरार हुए ?  फिलहाल इन बातों पर पुलिस अभी तफ्तीश कर रही है |


रिहायशी इलाका होने के कारण ड्रोन से होती है निगरानी 


सआदतगंज में पूर्व में हुई कई घटनाओं ,और बवालो के चलते यह इलाका पुलिस की डायरी में संवेदनशील माना जाता है ,अतः यहाँ ड्रोन से निगरानी की जाती है,ऐसी डिजिटल चौकसी के बाद इतनी बड़ी घटना का हो जाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है |


सोशल मीडिया और मीडिया में गश्त और चेकिंग अभियान की फोटो तक ही सीमित रह गई पुलिस की कहानी 


बीते एक वर्ष से यूपी पुलिस में यह प्रचलन हो गया है कि विभिन्न थाना क्षेत्रो में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सहित अन्य पुलिस कर्मी सुर्खियों में रहने के लिए गश्त और चेकिंग अभियान की फोटो खिंचवाक़र अपलोड कर देते वही जमीनी स्तर पर देखा जाए यह बस दिखावटी मात्र ही रह गया है जो आला अधिकारियों के आँख में धूल झोंकने के साथ ही बढ़ती घटनाओं का सबब भी बन चुका है वही सोशल मीडिया और भी पुलिस अपने द्वारा किये गए कार्यों का ही बखान करने में व्यस्त रहती है और पीड़ित द्वारा सोशल मीडिया (ट्विटर,फेसबुक,व्हाट्सएप) आदि पर की गई शिकायतो को अनदेखा कर रही है |