कटघरे मे बेसिक शिक्षा अधिकारी




जौनपुर। विगत दिनो बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई प्रधानाध्याको को निलंबित किया और दर्जनो शिक्षको का वेतन रोका गया है। इस कार्यवाही पर गम्भीर आरोप लगाते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ ने जांच कर्ताओ को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जिलाध्यक्ष अरविन्द शुक्ला ने आज बीएसए को प्रार्थना पत्र देकर सीधा आरोप लगाया कि जांच करने वाले खण्ड शिक्षाधिकारी अपने साथ अपने अपने चहेते शिक्षको को साथ लेकर गये थे। जबकि उन शिक्षको को विद्यालय में मौजूद रहकर शैक्षणिक कार्य करना था। अगर अरविन्द शुक्ला का आरोप सही है तो "अपनो पर रहम, गैरो पर सितम" वाली कहावत चरितार्थ हुई है। 

बीते चार अप्रैल को सिरकोनी ब्लाक में कई स्कूलो का निरीक्षण एबीएसए द्वारा किया गया था। नेहरूनगर विद्यालय का निरीक्षण शाहगंज के खण्ड शिक्षा अधिकारी ने किया । निरीक्षण के लिए वे अपने साथ पूर्व माध्यमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक राजीव मयंक को साथ लेकर गये थे। 

सलखापुर के विद्यालयों का निरीक्षण खण्ड शिक्षा अधिकारी केराकत ने किया था। उन्होने अपने साथ बेहड़ा पूर्व माध्यमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक प्रदीप यादव को साथ लेकर गये थे। इसी तरह मड़ियाहूं के एबीएसए ने रामनगर भड़सरा के प्रधानाध्यापक दिनेश प्रताप सिंह को अपने साथ ले जाकर स्कूलो का निरीक्षण किया था। 

 

जिलाध्यक्ष अरविन्द शुक्ला ने इसे गैर कानूनी बताते हुए कहा कि एक तरफ एबीएसए लोग विद्यालयों का निरीक्षण करके गैर हाजिर अध्यापको के खिलाफ कार्यवाही कर रहे है वही दूसरी तरफ अपने चहेते शिक्षको स्कूल छुड़वाकर अपने साथ लेकर जा रहे है। इन तीनों एबीएसए के साथ साथ उन शिक्षको के खिलाफ कठोर कार्यवाही होना चाहिए जो लोग अपने विद्यालय का पठन पाठन का कार्य छोड़कर एबीएसए के साथ गये हुए थे।